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अलेक्‍जेंडर ग्राहम बेल की जीवनी – Alexander Graham Bell Biography Hindi

Alexander Graham Bell एक स्कॉटिश वैज्ञानिक, खोजकर्ता, इंजिनियर और प्रवर्तक थे जो पहले वास्तविक टेलीफोन के अविष्कार के लिये जाने जाते है। 12 साल की उम्र में उन्होने अपना पहला आविष्कार किया। वे 1865 में संगीत शिक्षक बने। ग्राहम ने 1872 में बधिरों के लिए स्कूल शुरू किया। उन्होने 1876 में टेलीफोन का आविष्कार किया और 1877 में अपनी कंपनी शुरू की। प्रमुख रूप से ऑप्टिकल फाइबर सिस्टम, फोटोफोन, बेल व डेसीबल यूनिट तथा मेटल डिटेक्टर का आविष्कार किया। उल्लेखनीय कार्य के लिए उन्हे विभिन्न देशो में कई पुरस्कारों से नवाजा गया था। तो आइए आज इस आर्टिकल में हम आपको अलेक्‍जेंडर ग्राहम बेल की जीवनी – Alexander Graham Bell Biography Hindi के बारे में बताएगे।

अलेक्‍जेंडर ग्राहम बेल की जीवनी – Alexander Graham Bell Biography Hindi

अलेक्‍जेंडर ग्राहम बेल की जीवनी - Alexander Graham Bell Biography Hindi

जन्म

अलेक्‍जेंडर ग्राहम बेल का जन्म 3 मार्च 1847 में स्कॉटलैंड में हुआ था। उनके पिता का नाम अलेक्जेंडर मेलविल्ले बेल जोकि एक प्रोफेसर थे, जबकि उनकी माता का नाम एलिजा ग्रेस सिमोंड्स बेल गृहणी थी।11 जुलाई 1877 को अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने मैबल हूबार्ड से शादी की, जो एक पूर्व छात्रा थी वह भी और गर्डिनर हूबार्ड की बेटी थी।

शिक्षा

युवा बालक के रूप में बेल अपने भाइयो की ही तरह थे, उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही अपने पिता से ही ग्रहण की थी। अल्पायु में ही उन्हें स्कॉटलैंड के एडिनबर्घ की रॉयल हाई स्कूल में डाला गया था और 15 साल की उम्र में उन्होंने वह स्कूल छोड़ दी थी। उस समय उन्होंने पढाई के केवल 4 प्रकार ही पुरे किये थे। उन्हें विज्ञान में बहुत रूचि थी, विशेषतः जीवविज्ञान में, जबकि दुसरे विषयो में वे ज्यादा ध्यान नही देते थे।

स्कूल छोड़ने के बाद बेल अपने दादाजी एलेग्जेंडर बेल के साथ रहने के लिये लन्दन चले गये थे। जब बेल अपने दादा के साथ रह रहे थे तभी उनके अंदर पढने के प्रति अपना प्यार जागृत हुए और तभी से वे घंटो तक पढाई करते थे। युवा बेल ने बाद में अपनी पढाई में काफी ध्यान दिया था। उन्होंने अपने युवा छात्र दृढ़ विश्वास के साथ बोलने के लिये काफी कोशिशे भी की थी। और उन्होंने जाना की उनके सभी सहमित्र उन्होंने एक शिक्षक की तरह देखना चाहते है और उनसे सीखना चाहते है।

16 साल की उम्र में ही बेल वेस्टन हाउस अकैडमी, मोरे, स्कॉटलैंड के वक्तृत्वकला और संगीत के शिक्षक भी बने। इसके साथ-साथ वे लैटिन और ग्रीक के विद्यार्थी भी थे। इसके बाद बेल ने एडिनबर्घ यूनिवर्सिटी भी जाना शुरू किया, और वही अपने भाई मेलविल्ले के साथ रहने लगे थे। वे 1865 में संगीत शिक्षक बने। 1868 में अपने परिवार के साथ कनाडा शिफ्ट होने से पहले बेल ने अपनी मेट्रिक की पढाई पूरी कर ली थी और फिर उन्होंने लन्दन यूनिवर्सिटी में एडमिशन भी ले लिया था।

करियर

अलेक्जेंडर को परिवार के व्यवसाय में आगे बढ़ने के लिए तैयार किया गया था, लेकिन उनकी ज़िद्दी स्वाभाव उनके पिता के लिए विरोधाभास पैदा कर देता था। लेकिन जब 1862 में जब उनके दादाजी बीमार हो गए तो अलेक्जेंडर ने अपने दादा की देखभाल स्वेच्छा से की।

घर के बड़ों ने युवा अलेक्जेंडर को प्रोत्साहित किया और उनके सीखने और बौद्धिक गतिविधियों के लिए उनकी प्रशंसा की। 16 साल की उम्र तक, अलेक्जेंडर अपने पिता के साथ उनके काम में बधिरों की शिक्षा में अपने पिता के सहायक बन गए और जल्द ही अपने पिता के लंदन अभियान के पूर्ण प्रभार ग्रहण कर लिया। अलेक्‍जेंडर ग्राहम बेल की जीवनी – Alexander Graham Bell Biography Hindi 

ग्राहम बेल के दोनों भाइयों की यक्ष्मा/ट्यूबरक्लोसिस (एक घातक बीमारी है जो फेफड़ों पर हमला करता है) होने के कारन मृत्यु हो गई थी। 1870 में उनके माता-पिता, स्वस्थ जलवायु की तलाश में, उन्हें उनके साथ ब्रांटफोर्ड, ओन्टेरियो, कनाडा में जाने के लिए आश्वस्त किया, जबकि बेल लंदन में संस्था स्थापित करना चाहते थे। बाद में ब्राडफोर्ड, ओंटारियो कनाडामें उनका परिवार रहने लगा, वहां अलेक्जेंडर ने मानव आवाज़ के अपने अध्ययन को जारी रखने के लिए एक कार्यशाला की स्थापना की।

अविष्कार

मई, 1874 में टेलीफोन का अविष्कार किया। इसके बाद में उन्होंने फ़ोनोंऑटोग्राफ पर प्रयोग करना शुरू किया, एक ऐसी मशीन जो स्वर की लहरों को रुपरेखा दी सके। इसी साल की गर्मियों में उन्होंने टेलेफोन बनाने की योजना भी बनायी। इसके बाद उन्होंने अपने असिस्टेंट थॉमस वाटसन को भी काम पर रख लिया था।

2 जून 1875 को बेल ने टेलीफोन पर चल रहे अपने काम को सिद्ध किया।

इसके बाद वाटसन ने बेल के फ़ोनोंऑटोग्राफ में लगी धातु की एक नलिका को खिंचा। अचानक हुई इस घटना से यह भी पता चला की टेलीफोन से हम ध्वनि को भी स्थानांतरित कर सकते है।

उन्होने 1876 में टेलीफोन का आविष्कार किया और 1877 में अपनी कंपनी शुरू की।

7 मार्च 1876 को बेल में अपने विचारो का पेटेंट हासिल किया।

बेल को यूनाइटेड स्टेट पेटेंट ऑफिस पेटेंट नंबर 174,465 मिला। इससे उनके विचारो को भी कॉपी नही कर सकता था और वे आसानी से टेलेग्राफी तरंगो से मशीन से आवाज को स्थानांतरित कर सकते थे।

3 अगस्त 1876 को उन्होंने पहला लंबी दुरी का कॉल लगाया।

इसके बाद बेल को दूर के किसी ब्रन्तफोर्ड गाँव से एक ध्वनि-सन्देश भी मिला, यह सन्देश तक़रीबन 4 मिल दूर से आया था। इस घटना के बाद बेल ने अपनी योजनाओ को लोगो के सामने बोलना शुरू किया और अपनी खोजो को सार्वजानिक रूप से जाहिर भी किया।

11 जुलाई 1877 को बेल ने पहली टेलेफोन कंपनी की स्थापना की।

बेल के टेलीफोन कंपनी की स्थापना हुई। इसी साल बेल ने कैम्ब्रिज के मबेल हब्बार्ड से शादी की। लेकिन अभी भी उनकी कमाई का जरिया पढाना ही था क्योकि उस समय टेलीफोन उनके लिए ज्यादा लाभदायी नही था।

1881 को बेल ने दुसरे कयी अविष्कार भी किये।

बेल ने फोनोग्राफ, मेटल डिटेक्टर, मेटल जैकेट की भी खोज की और साथ ही ऑडियोमीटर की भी खोज की ताकि लोगो को सुनने में परेशानी ना हो, इसके बाद उनके नाम पर 18 पेटेंट दर्ज किये गए। उनके अविष्कारों को देखते हुए उन्हें बहुत से सम्मानों और पुरस्कारों से नवाजा भी गया था और आज भी उन्हें कयी पुरस्कार दिये जाते है।

1897 में बेल प्रसिद्ध हुए और बहुत सी संस्थाओ में भी उन्हें शामिल किया गया।

25 जनवरी 1915 को बेल ने पहला ट्रांस-अटलांटिक फ़ोन कॉल लगाया।

पहली बार बेल ने उपमहाद्वीप के बाहर से भी वाटसन को कॉल लगाया। इस कॉल के 38 साल पहले, बेल और वाटसन ने फ़ोन पर बात की थी। लेकिन यह कॉल उस फ़ोन से काफी बेहतर था और आवाज भी साफ़ थी।

बधिरों के साथ काम

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने अपने जीवन में बधिरों के साथ अपने काम को जारी रखा। ग्राहम ने 1872 में बधिरों के लिए स्कूल शुरू किया। उन्होने 1890 में बधिरों के भाषण की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अमेरिकन एसोसिएशन की स्थापना की।

पुरस्कार

उल्लेखनीय कार्य के लिए उन्हे विभिन्न देशो में कई पुरस्कारों से नवाजा गया था।

  • IEEE Edison Medal – 1914
  • Hughes Medal -1913
  • Elliott Cresson Medal -1912
  • Albert Medal – 1902
  • John Fritz Medal -1907

मृत्यु

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल की मृत्यु 2 अगस्त 1922 को कनाडा के नोवा स्कोटिया, केप ब्रेटन द्वीप में हुई।

Sonu Siwach

नमस्कार दोस्तों, मैं Sonu Siwach, Jivani Hindi की Biography और History Writer हूँ. Education की बात करूँ तो मैं एक Graduate हूँ. मुझे History content में बहुत दिलचस्पी है और सभी पुराने content जो Biography और History से जुड़े हो मैं आपके साथ शेयर करती रहूंगी.

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