अन्ना जार्ज की जीवनी – Anna Rajam Malhotra Biography Hindi

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आजादी के बाद भारत की प्रथम महिला आईएएस अधिकारी रहीं. जॉर्ज को देश की पहली आईएएस माना जाता है. वह सचिवालय में पद प्राप्त करने वाली भी पहली महिला थीं. वो एक प्रेरक, दृढ़ निश्चयी और ईमानदार महिला थी। तो आइए आज हम आपको इस आर्टिकल में अन्ना जार्ज की जीवनी – Anna Rajam Malhotra Biography Hindi के बारे में बताएंगे

अन्ना जार्ज की जीवनी – Anna Rajam Malhotra Biography Hindi

अन्ना जार्ज की जीवनी

जन्म

उनका जन्म जुलाई 1927 में केरल के एर्नाकुलम जिले में हुआ था और तब उनका नाम अन्ना रजम जॉर्ज था. उनका विवाह आर. एन. मल्होत्रा से हुआ था जो 1985 से 1990 तक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर रहे थे. उन्हें मुंबई के नजदीक देश के आधुनिक बंदरगाह जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) की स्थापना में योगदान के लिए जाना जाता है. वह जेएनपीटी की अध्यक्ष रहीं. केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्हें जेएनपीटी का कार्य मिला था.

शिक्षा

अन्ना जॉर्ज ने प्रारम्भिक शिक्षा कोझिकोड में प्राप्त करने के बाद वह चेन्नई चली गईं ताकि मद्रास विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकें.

योगदान

अन्ना 1951 में भारतीय सिविल सेवा में शामिल हुईं . उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री सी. राजगोपालाचारी के नेतृत्व में मद्रास राज्य में सेवा दी थी. 1951 में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा संचालित आर एन बनर्जी और चार आईसीएस अधिकारियों के शामिल साक्षात्कार बोर्ड में उन्हें काफी हतोत्साहित किया गया और उन्हें विदेश सेवा और केन्द्रीय सेवाओं को चुनने के लिए कहा गया, किन्तु उन्होने बिना हतोत्साहित हुये मद्रास काडर चुना और पहले प्रयास में ही उसी वर्ष उनका चयन हुआ।

बताया जाता है कि उन्होंने तमिलनाडु के सात मुख्यमंत्रियों के मातहत काम किया था. दिल्ली में 1982 में एशियाई खेलों का प्रभारी होने के दौरान राजीव गांधी के साथ उन्होंने निकटता से काम किया था. 1982 में उन्होंने पंडित नेहरू को एशियाड सम्मेलन में हाथ बंटाया था, वो इंदिरा गांधी के साथ फूड प्रोडक्शन पैटर्न को समझने के लिए आठ राज्यों की यात्रा पर भी गई थीं.

पुरस्कार

भारत सरकार द्वारा 1989 में उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

मृत्यु

17 सितम्बर 2018 को अन्ना जॉर्ज का निधन हो गया।