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बाबूलाल मरांडी की जीवनी – Babulal Marandi Biography Hindi

बाबूलाल मरांडी राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता ने दुमका सुरक्षित संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित होकर अपनी पार्टी को अत्यधिक शक्तिशाली होने में उल्लेखनीय योगदान किया है। श्री बाबूलाल मरांडी झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री चुने गए। इससे पहले वे केंद्रीय मंत्री परिषद (वाजपेई मंत्रिमंडल) वे पर्यावरण और वन राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। बाबूलाल मरांडी ने 2006 में कोडरमा सीट सहित बीजेपी की सदस्‍यता से भी इस्तीफा देकर ‘झारखंड विकास मोर्चा’ नाम से नई राजनीतिक पार्टी बनाई। तो आइए आज हम आपको बाबूलाल मरांडी की जीवनी – Babulal Marandi Biography Hindi के बारे में बताएगे।

बाबूलाल मरांडी की जीवनी – Babulal Marandi Biography Hindi

बाबूलाल मरांडी की जीवनी

जन्म

बाबूलाल मरांडी का जन्‍म 11 जनवरी 1958 को झारखंड के गिरिडीह के पिछड़े इलाके कोडिया बैंग गांव में हुआ था। 1989 में उनकी शादी शांतिदेवी से हुई। एक बेटा भी हुआ अनूप मरांडी, जिसकी 27 अक्टूबर 2007 को झारखंड के गिरिडीह क्षेत्र में हुए नक्‍सली हमले में मौत हो गई।

शिक्षा

बाबूलाल मरांडी नेअपनी प्रारम्भिक शिक्षा गांव से प्राप्‍त करने के बाद में उन्होने गिरिडीह कॉलेज में दाखिला ले लिया। यहां से इन्‍होंने इंटरमीडिएट और स्‍नातक की पढ़ाई पूरी की।

करियर

  • झारखंड विकास मोर्चा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष एवं संस्‍थापक बाबूलाल मरांडी झारखंड के पहले मुख्‍यमंत्री और वर्तमान में कोडरमा से सासंद हैं।
  • वे कॉलेज में पढ़ाई के दौरान आरएसएस से जुड़ गए। आरएसएस से पूरी तरह जुड़ने से पहले मरांडी ने गांव के स्‍कूल में कुछ सालों तक कार्य किया। इसके बाद वे संघ परिवार से जुड़ गए। उन्‍हें झारखंड क्षेत्र के विश्‍व हिन्‍दू परिषद का संगठन सचिव बनाया गया।
    1983 में वे दुमका जाकर संथाल परगना डिवीजन में कार्य करने लगे।
  • 1991 में मरांडी भाजपा के टिकट पर दुमका लोकसभा सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। 1996 में वे फिर से शिबू शोरेन से हारे। इसके बाद बीजेपी ने 1998 में उन्हें विधानसभा चुनाव के दौरान झारखंड बीजेपी का अध्‍यक्ष बनाया। पार्टी ने उनके नेतृत्‍व में झारखंड क्षेत्र की 14 लोकसभा सीटों में से 12 पर कब्‍जा किया।
  • 1998 के चुनाव में उन्होंने शिबू शोरेन को संथाल से हराकर चुनाव जीता था, जिसके बाद एनडीए की सरकार में बिहार के 4 सांसदों को कैबिनेट में जगह दी गई। इनमें से एक बाबूलाल मरांडी थे।
  • 2000 में बिहार से अलग होकर झारखंड राज्‍य बनने के बाद एनडीए के नेतृत्‍व में बाबूलाल मरांडी ने राज्‍य की पहली सरकार बनाई।
  • उस समय के राजनीति विशेषज्ञों के अनुसार मरांडी राज्‍य को बेहतर तरीके से विकसित कर सकते थे। राज्‍य की सड़कें, औद्योगिक क्षेत्र तथा रांची को ग्रेटर रांची बना सकते थे।लेकिन मरांडी उनके इस विश्‍वास को कम समय में पूरा नहीं कर सके और उन्‍हें जदयू के हस्‍तक्षेप के बाद सत्‍ता छोड़ अर्जुन मुंडा को सत्‍ता सौंपनी पडी़ थी।
  • इसके बाद उन्‍होंने राज्‍य में एनडीए को विस्‍तार(राची में) देने का कार्य किया।
  • 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्‍होंने कोडरमा सीट से चुनाव जीता, जबकि अन्‍य उम्‍मीदवार हार गए।
  • बाबूलाल मरांडी ने 2006 में कोडरमा सीट सहित बीजेपी की सदस्‍यता से भी इस्तीफा देकर ‘झारखंड विकास मोर्चा’ नाम से नई राजनीतिक पार्टी बनाई।
    बीजेपी के 5 विधायक भी भाजपा छोड़कर इसमें शामिल हो गए। इसके बाद कोडरमा उपचुनाव में वे बिना किसी विरोध के चुन लिए गए।
  • 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्‍होंने अपनी पार्टी की ओर से कोडरमा सीट से चुनाव लड़कर बड़ी जीत हासिल की।

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