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बजरंग पुनिया की जीवनी – Bajrang Punia Biography Hindi

बजरंग पुनिया एक प्रसिद्ध भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवान हैं और उन्हें भारत के सबसे होनहार फ्रीस्टाइल पहलवानों में से एक माना जाता है। वर्तमान में बजरंग पुनिया टीटीई (TTE) (यात्रा टिकट परीक्षक) के पद पर भारतीय रेलवे में तैनात हैं। बजरंग ने 2013 में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट जीता, जिसमें देश के लिए कांस्य जीता। 2018 विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में रजत जीतने के बाद, उन्होंने 65 किग्रा वर्ग में विश्व नंबर 1 का दावा किया। बजरंग पुनिया ने रुस के डैन कोलोव-निकोला पेट्रोव टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक, भारतीय वायु सेना (आईएएफ) विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को समर्पित किया। तो आइए आज इस आर्टिकल में हम आपको बजरंग पुनिया की जीवनी – Bajrang Punia Biography Hindi के बारे में बताएगे।

बजरंग पुनिया की जीवनी – Bajrang Punia Biography Hindi

बजरंग पुनिया की जीवनी - Bajrang Punia Biography Hindi

जन्म

बजरंग पुनिया का जन्म 26 फ़रवरी 1994 को झाझर गाँव, हरियाणा में हुआ था। उनके पिता का नाम बलवान सिंह पुनिया हैं तथा उनकी माता का नाम ओमप्यारी हैं। उनके पिता एक पेशेवर पहलवान है। उनके भाई का नाम हरिंदर पुनिया और वे भी एक पहलवान है।

शिक्षा

बजरंग की प्रारंभिक शिक्षा उनके गांव में ही पूरी हुई। 7 साल की उम्र में कुश्ती शुरू की और उन्हें उनके पिता द्वारा बहुत सहयोग मिला। जिसके बाद बजरंग ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। बजरंग पूनिया ने भारतीय रेलवे में टिकट चेकर (TTE) का भी काम किया। योगेश्‍वर दत्‍त उनके कोच है।

हाइट और वजन

  • बजरंग पुनिया की हाइट 5 फीट 5 इंच है।
  • उनका वजन 65 kg है।

करियर

  • 2013 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप सेमीफाइनल में भारत, नई दिल्ली में, बजरंग पुनिया ने दक्षिण कोरिया के ‘ह्वांग रियॉन्ग-हाक’ को 3-1 से हराकर पुरुष फ्री स्टाइल 60 किलो वर्ग में कांस्य पदक जीता। 16वें राउंड में, बजरंग पुनिया ने जापान के ‘शोगो मेदा’ का सामना किया और उन्हें 3-1 से हराया। क्वार्टर फाइनल में उनके प्रतिद्वंद्वी ईरान के ‘मोराद हसन’ थे, बजरंग पुनिया ने सेमीफाइनल में जाने के लिए अपने प्रतिद्वंद्वी ‘मोराद हसन’ को 3-1 से हराया।
  • इसके बाद में बजरंग ने 2013 विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप बुडापेस्ट, हंगरी में 60 कि.ग्रा वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया था
  • 2014 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप -16वें राउंड में, बजरंग पुनिया ने इंग्लैंड के ‘साशा मद्यार्किक’ का सामना किया और उन्हें 4-0 से हराया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के ‘मार्नो प्लाजाजी’ का सामना किया और 4-1 से जीत दर्ज की। नाइजीरियाई पहलवान ‘अमास डैनियल’ सेमीफाइनल में बजरंग पुनिया के प्रतिद्वंद्वी थे और ‘अमास डैनियल’ ने 3-1 से बजरंग पुनिया को हराया। इस प्रकार इन्हें 2014 की वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता।
  • 2014 एशियन गेम्स – दक्षिण कोरिया के इचियन में, बजरंग पुनिया ने ईरान के ‘मसूद एस्मेलिपूरजौबारी’ से मुकाबला किया और 1-3 से ‘मसूद एस्मेलिपूरजौबारी’ को हराकर पुरुषों की फ्रीस्टाइल 61 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता।साल 2014 के राष्ट्रमंडल खेल ग्लासगो, स्कॉटलैंड में 61 कि.ग्रा वर्ग में रजत पदक जीता थ
  • साल 2014 में ही एशियाई खेल इनचियन, दक्षिण कोरिया में फिर से रजत पदक अपने नाम किया।
  • 2015 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप – अपने साथी नरसिंह यादव के विपरीत, बजरंग पुनिया लास वेगास में टूर्नामेंट में पदक जीतने में कामयाब नहीं हो पाए और 5वें स्थान पर रहे। 32वें राउंड में मंगोलिया के ‘बैटबोल्डिन नोमिन’ बजरंग पुनिया के प्रतिद्वंद्वी थे,, जिन्होंने बजरंग पुनिया को 10-0 से हराया।
  • एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2017, दिल्ली में बजरंग पूनिया ने गोल्ड मेडल जीता था
  • 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स –ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में, बजरंग पुनिया ने पुरुषों की फ्रीस्टाइल 65 किलोग्राम श्रेणी में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने स्वर्ण पदक जीतने के वेल्स के ‘केन चरिग’ को हराया।
  • 2018 एशियन गेम्स – 19 अगस्त में, बजरंग पुनिया ने पुरुषों की फ्रीस्टाइल 65 किलोग्राम रेसलिंग में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने जापानी पहलवान ‘तकातनानी दाची’ को 11-8 से हराया, स्कोर पहले राउंड के बाद 6-6 पर अटक गया था।
  • वर्तमान में बजरंग पुनिया टीटीई (TTE) (यात्रा टिकट परीक्षक) के पद पर भारतीय रेलवे में तैनात हैं।
  • बजरंग पूनिया ने अब तक कुल 5 गोल्ड, 3 ब्रोनज, 4 सिल्वर मेडल जीत चुके हैं.
  • बजरंग ने 2013 में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट जीता, जिसमें देश के लिए कांस्य जीता।
  • 2018 विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में रजत जीतने के बाद, उन्होंने 65 किग्रा वर्ग में विश्व नंबर 1 का दावा किया।
  • बजरंग पुनिया ने रुस के डैन कोलोव-निकोला पेट्रोव टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक, भारतीय वायु सेना (आईएएफ) विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को समर्पित किया।

 

विवाद

बजरंग पुनिया ने एक बार खेल  रत्न पुरस्कार देने की सरकारी नीति की खुलकर आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि वह अदालत में उन्हें सम्मान देने की नीति के बारे में पूछताछ करने के लिए स्थानांतरित करेंगे।

कथित तौर पर, विराट कोहली को जीरो के एक उपलब्धि स्कोर के साथ राजीव गांधी खेल रत्न सम्मान मिला, जबकि बजरंग का उच्चतम स्कोर 80 था।

पुरस्कार

  • 2015 में बजरंग पुनिया को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • 2019 में उन्हे पद्म श्री से नवाजा गया।
  • 29 अगस्त 2019 को उन्हे राजीव गांधी खेल पुरस्कार जाना था लेकिन खेल प्र्तिबद्धताओं के कारण वे राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में शिरकत नहीं कर सके।

Sonu Siwach

नमस्कार दोस्तों, मैं Sonu Siwach, Jivani Hindi की Biography और History Writer हूँ. Education की बात करूँ तो मैं एक Graduate हूँ. मुझे History content में बहुत दिलचस्पी है और सभी पुराने content जो Biography और History से जुड़े हो मैं आपके साथ शेयर करती रहूंगी.

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