Biography Hindi

बिल गेट्स की जीवनी – Bill Gates Biography Hindi

बिल गेट्स दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक है। ये अमेरिका के एक बड़े बिजनेसमैन है. बिल गेट्स ‘कंप्यूटर प्रोग्रामर, माइक्रोसॉफ्ट’ के को-फाउंडर है. माइक्रोसॉफ्ट दुनिया के सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी है 1975 में बिल गेट्स ने पॉल एलन के साथ विश्व की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना की.  32 साल की उम्र पूरी करने के पहले ही 1987 में उनका नाम अरबपतियों की फोर्ब्स की सूची में आ गया. तो आइए आज इस आर्टिकल में हम आपको बिल गेट्स की जीवनी – Bill Gates Biography Hindi के बारे में बताएंगे।

बिल गेट्स की जीवनी – Bill Gates Biography Hindi

बिल गेट्स की जीवनी

जन्म

बिल गेट्स का जन्म 28 अक्टूबर 1955 में सीएटल ,वॉशिंगटन राज्य, संयुक्त राज्य अमेरिका में हुआ था. उनके पिता का नाम विलियम एच. गेट्स और माता का नाम मेरी मैक्सवेल था इनके पिता एक प्रतिष्ठित वकील तथा माता एक बैंक के व्यवस्थापक मंडल के सदस्य थे. विलियम गेट्स का पूरा नाम विलियम हेनरी गेट्स था। विलियम गेट्स का बचपन में निकनाम ‘ट्रे’ था इनकी बहन का नाम लिब्बी गेट्स, क्रिस्टी गेट्स है । इनका विवाह मेलिंडा गेट्स 1994 में हुआ। मेलिंडा ,बिल गेट्स से उम्र में काफी छोटी थी। यह उनकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट में ही काम करती थी। इनके तीन बच्चे हैं जिनका नाम जेनिफर कैथरीन गेट्स, फोवे अडले गेट्स, और रोरी जॉन गेट्स है।

शिक्षा

बिल गेट्स का दाखिला 13 साल की उम्र में लेकसाइड स्कूल में करवाया गया था, और यहीं से बिल की रुचि कंप्यूटर के तरफ बढ़ती गई। 13 साल की उम्र में ही बिल गेट्स ने स्कूल के कंप्यूटर में खुद से एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम बना दिया था जब बिल गेट्स हाई स्कूल पहुंचे तब इन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर स्कूल के पेरोल प्रणाली को कंप्यूटरीकृत किया था। इन्ही सब से पता चलता है कि बिल गेट्स के दिमाग में बचपन से ही कंप्यूटर प्रोग्राम फीड थे। जो भगवान की तरफ से उन्हें एक बहुत बड़ी देन थी। बिल गेट्स ने पहला कंप्यूटर प्रोग्राम लिखा था वह था टिक-टैक-टू गेम

एलन के साथ आगे चलकर बिल ने इतना बड़ा बिजनेस खड़ा किया था। एलन स्कूल के समय में उनके सीनियर हुआ करते थे। पॉल एलन और बिल गेट्स स्कूल के समय में दोनों ने मिलकर यातायात काउंटर के लिए ‘ट्राफ-ओ-डाटा’ नाम का प्रोग्राम बनाया, जो इंटेल 8000 प्रोसेसर पर आधारित था। उस समय बिल की आयु मात्र 17 साल थी। बिल ने 1973 में अपने स्कूल की पढ़ाई पूरी कर ली थी। SAT की परीक्षा में बिल गेट्स नेशनल स्कॉलर रहे थे। उन्होंने इस परीक्षा में 1600 में से 1590 अंक लिए थे। इसके बाद में बिल गेट्स ने हावर्ड कॉलेज में दाखिला लिया। कॉलेज के समय में बिल अपना ज्यादातर समय कंप्यूटर में बिताते थे वे अपने बाकी विषयों में बिल्कुल ध्यान नहीं देते थे। उनके दोस्त उनके दोस्त पॉल एलन ने उन्हें कॉलेज छोड़कर बिजनेस शुरू करने की सलाह दी। विलियम गेट के पसंदीदा बिजनेस बुक ‘बिजनेस एडवेंचर’ है

करियर

  • बिल गेट्स और पॉल ने मिलकर 1975 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का निर्माण किया।  जिसे शुरू में माइक्रो- सॉफ्ट के नाम से जाना गया। इन्होंने बेसिक(BASIC) नाम के एक प्रोग्राम से अपनी शुरुआत की। यह माइक्रो कंप्यूटर की प्रसिद्ध  प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है।उनका यह प्रयोग सफल रहा, जिसके बाद उन्होने दूसरी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज डेवलप करना शुरू कर दिया।
  • 1980 में इंटरनेशनल बिज़नेस मशीन(IBM) के द्वारा माइक्रोसॉफ्ट कंपनी को एक डील ऑफर की गई। IBM ने माइक्रोसॉफ्ट से कहा कि वे उनके लिए आने वाले पर्सनल कंप्यूटर के लिए ‘बेसिक इंटरप्रीटर’ तैयार करें। माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने IBM के लिए PC DOS ऑपरेटिंग सिस्टम बनाया, जिसके बदले मेंIBM ने माइक्रोसॉफ्ट को एक समय की $50000 फीस अदा की।
  • धीरे- धीरे करते जल्द ही माइक्रोसॉफ्ट ऑपरेटिंग सिस्टम पूरी दुनिया में फेमस होने लगा जिसके बाद में बिल गेट्स की कंपनी ने 20 नवंबर 1985 को विंडोज(Windows) नाम के ऑपरेटिंग सिस्टम को दुनिया के सामने पेश किया। यह ‘माइक्रोसॉफ्ट डोस’ (DOS) के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम एक शेल की तरह काम करता था। पर्सनल कंप्यूटर के 90% विंडोज के नाम थे। बिल गेट्स माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के सबसे बड़े शेयर होल्डर थे। जिसके चलते कंपनी के सफल होने का पूरा फायदा बिल गेट्स को मिलता गया।  बिल ने इस कंपनी से एक बड़ी राशि अपने नाम कर ली जिसकी वजह से 1987 में वह पहली बार दुनिया के सबसे अमीर आदमियों में से एक बन गए। 11 साल के करियर में ही बिल गेट्स ने इतनी बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली।
  •  1989 में माइक्रोसॉफ्ट ने माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस की शुरुआत की। यह माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस एक पैकेज की तरह था जिसमें बहुत सारी एप्लीकेशन जैसे माइक्रोसॉफ्ट वर्ड और एक्सेल एक साथ एक ही सिस्टम में चल सकती थी। माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने इस प्रोडक्ट में काफी बड़ी सफलता हासिल की। जिसके बाद पर्सनल कंप्यूटर की दुनिया में माइक्रोसॉफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम का एकाधिकार हो गया था।
  • 1989 में ‘विंडोज CE ऑपरेटिंग सिस्टम प्लेटफॉर्म’ ‘दी माइक्रोसॉफ्ट नेटवर्क’ का आविष्कार किया जिसके कारण उपभोक्ताओं को इंटरनेट के द्वारा सॉफ्टवेयर का समाधान मिलना आसान हो गया।
  • बिल गेट्स 2000 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया,  लेकिन वे चेयरमैन के रूप में अभी भी पद पर है उन्होंने अपने लिए माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में एक नया पद चीफ सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट बना दिया
  • इसके बाद कुछ सालों में बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट में अपने काम दूसरों को देने लगे और वे खुद परोपकारी कार्यों में समय बिताने लगे।
  • फरवरी 2014 में बिल गेट्स ने चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया, और अब वे माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ ‘सत्य नादेला’ के टेक्नोलॉजी एडवाइजर के रूप में कार्य करते हैं।

योगदान

  • बिल गेट्स ने 1999 में MIT कॉलेज को कंप्यूटर लैब बनाने के लिए 20 मिलियन डॉलर दान में दिए कॉलेज वालों ने इस कंप्यूटर लैब का नाम बिल गेट्स के सम्मान में ‘विलियम एच गेट्स बिल्डिंग’ रखा
  •  विलियम गेट्स ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर 2000 में ‘बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन’ का निर्माण किया।  यह दुनिया की सबसे बड़ी प्राइवेट फाउंडेशन में से एक है जिसका उद्देश्य समाज के लोगों के स्वास्थ्य में वृद्धि और दुनिया भर में गरीबी को दूर करना है
  • 2010 में बिल गेट्स ने एक बड़े इन्वेस्टर ‘ वारेन बुफ्फेट’ और फेसबुक के फाउंडर और सीईओ ‘मार्क जुकरबर्ग’ के साथ मिलकर एक एग्रीमेंट साइन किया जिसके तहत वे अपनी कमाई का आधा हिस्सा दान में दिया करेंगे।

अवॉर्ड्स

  • 2002 में बिल गेट्स और उनकी पत्नी मेलिंडा को अच्छे सामाजिक कार्य करने के लिए ‘जेफर्सन अवार्ड’ दिया गया।
  • बिल गेट्स को 2010 में माइक्रोसॉफ्ट में मिली उपलब्धि और उनके परोपकार ई कार्यों के लिए प्रे क्लीन इंस्टीट्यूट द्वारा ‘ बोवेर अवार्ड’ दिया गया
  • गेट्स और उनकी पत्नी का एक फाउंडेशन भारत में भी है जिसके द्वारा वे यहां के गरीबों के लिए कार्य करते हैं इस महान कार्य के लिए बिल गेट्स और उनकी पत्नी मलिंडा को 2010 में भारत सरकार द्वारा भारत के तीसरे बड़े सम्मान ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया गया था।
  • विलियम  गेट पर बहुत सी फिल्में डॉक्युमेंट्री वीडियो क्लिप बनाई जा चुकी है बहुत सी किताबे भी लिखी है जिसमें मुख्य रूप से पढ़ाया जाता है

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close