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Biography Hindi

दिलीप कुमार की जीवनी – Dilip Kumar Biography Hindi

दिलीप कुमार हिन्दी सिनेमा के जाने माने अभिनेता और राज्य सभा के पूर्व सदस्य है। उनका असली नाम यूसुफ खान है। 1944 में आई ज्वार भाटा उनकी पहली फिल्म रही। इसके बाद दाग़ (1954), आज़ाद, देवदास (1955), नया दौर, मुग़ल-ए-आज़म, लीडर, राम और श्याम, शक्ति, कर्मा  और सौदागर जैसी उम्दा और सदाबहार फिल्में दीं। 1998 में प्रदर्शित ‘किला’के बाद उन्होने फिल्मों से संन्यास ले लिया। 1991 में पद्मभूषण और 2015 में उन्हे पद्म विभूषण अवॉर्ड से सम्मानित हुए। उन्हे नौ बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर अवॉर्ड से नवाजा गया। तो आइए आज इस आर्टिकल में हम आपको दिलीप कुमार की जीवनी – Dilip Kumar Biography Hindi के बारे में बताएगे।

दिलीप कुमार की जीवनी – Dilip Kumar Biography Hindi 

दिलीप कुमार की जीवनी - Dilip Kumar Biography Hindi

जन्म

दिलीप कुमार का जन्म 11 दिसंबर 1922 को वर्तमान पाकिस्तान के पेशावर शहर में हुआ था। उनके बचपन का नाम युसूफ़ ख़ान था। उनके पिता का नाम लाला ग़ुलाम सरवर था जो फल बेचकर अपने परिवार का ख़र्च चलाते थे। विभाजन के दौरान उनका परिवार मुंबई आकर बस गया। उनका शुरुआती जीवन तंगहाली में ही गुजरा। पिता के व्यापार में घाटा होने के कारण वह पुणे की एक कैंटीन में काम करने लगे थे। यहीं देविका रानी की पहली नज़र उन पर पड़ी और उन्होंने दिलीप कुमार को अभिनेता बना दिया। देविका रानी ने ही ‘युसूफ़ ख़ान’ की जगह उनका नया नाम ‘दिलीप कुमार’ रखा। पच्चीस वर्ष की उम्र में दिलीप कुमार देश के नंबर वन अभिनेता के रूप में स्थापित हो गए थे। दिलीप कुमार ने 1966 में प्रसिद्ध अभिनेत्री सायरा बानो से शादी की थी। जिस समय दिलीप कुमार और सायरा बानो की शादी हुई थी उस समय सायरा बानो 22 साल और दिलीप साहब 44 साल के थे। आज यह जोड़ी बॉलीवुड की सबसे प्रसिद्ध जोड़ियों में से एक है। जब लोगों ने अखबारों में यह पढ़ा कि दिलीप कुमार अभिनेत्री सायरा बानो से शादी कर रहे हैं, तो वे चौंक गए। वैसे, उनका चौंकना स्वाभाविक ही था, क्योंकि शादी से पहले तक दिलीप कुमार ने सायरा बानो के साथ एक भी फ़िल्म नहीं की थी। दोनों में न दोस्ती थी और न ही मिलना-जुलना था। सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों की उम्र में बहुत बड़ा फ़र्क़ था। एक और सच यह था कि उन दिनों फ़िल्मी पत्रिकाएं सायरा बानो का नाम भी उनके सहअभिनेता राजेंद्र कुमार से जोड़ रही थीं।

करियर

दिलीप कुमार ने 1944 में आई फ़िल्म “ज्वार भाटा” से अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की। हालांकि यह फ़िल्म सफल नहीं रही। उनकी पहली हिट फ़िल्म “जुगनू” थी। 1947 में रिलीज़ हुई इस फ़िल्म ने बॉलीवुड में दिलीप कुमार को हिट फ़िल्मों के स्टार की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया। 1949 में फ़िल्म “अंदाज़” में दिलीप कुमार ने पहली बार राजकपूर के साथ काम किया। यह फ़िल्म एक हिट साबित हुई। दीदार (1951) और देवदास (1955) जैसी फ़िल्मों में गंभीर भूमिकाओं के लिए मशहूर होने के कारण उन्हें ट्रेजडी किंग कहा जाने लगा। मुग़ले-ए-आज़म (1960) में उन्होंने मुग़ल राजकुमार जहाँगीर की भूमिका निभाई। “राम और श्याम” में दिलीप कुमार द्वारा निभाया गया दोहरी भूमिका (डबल रोल) आज भी लोगों को गुदगुदाने में सफल साबित होता है। उन्होने रमेश सिप्पी की फ़िल्म शक्ति में अमिताभ बच्चन के साथ काम किया। इस फ़िल्म के लिए उन्हे फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार भी मिला। वे आज भी प्रमुख अभिनेताओ जैसे शाहरूख खा़न के प्रेरणास्रोत्र है। 1970, 1980 और 1990 के दशक में उन्होंने कम फ़िल्मों में काम किया। इस समय की उनकी प्रमुख फ़िल्में थीं: क्रांति (1981), विधाता (1982), दुनिया (1984), कर्मा (1986), इज़्ज़तदार (1990) और सौदागर (1991)। 1998 में प्रदर्शित ‘किला’के बाद उन्होने फिल्मों से संन्यास ले लिया।

सन 2000 से वे राज्य सभा के सदस्य है।

फिल्में

  • 1944 ज्वार भाटा
  • 1945 प्रतिमा
  • 1947 मिलन
  • 1947 जुगनू
  • 1948 शहीद
  • 1948 नदिया के पार
  • 1948 मेला
  • 1948 घर की इज़्ज़त
  • 1948 अनोखा प्यार
  • 1949 शबनम
  • 1949 अंदाज़
  • 1950 जोगन
  • 1950 बाबुल
  • 1950 आरज़ू
  • 1951 तराना
  • 1951 हलचल
  • 1951 दीदार
  • 1952 संगदिल
  • 1952 दाग
  • 1952 आन
  • 1953 शिकस्त
  • 1953 फ़ुटपाथ
  • 1954 अमर
  • 1955 उडन खटोला
  • 1955 इंसानियत
  • 1955 देवदास
  • 1955 आज़ाद
  • 1957 नया दौर
  • 1957 मुसाफिर
  • 1958 यहूदी
  • 1958 मधुमती
  • 1959 पैग़ाम
  • 1960 कोहिनूर
  • 1960 मुग़ल ए आज़म
  • 1961 गंगा जमना
  • 1964 लीडर
  • 1966 दिल दिया दर्द लिया
  • 1967 राम और श्याम
  • 1968 संघर्ष
  • 1968 आदमी
  • 1970 सगीना महतो
  • 1970 गोपी
  • 1972 दास्तान
  • 1972 अनोखा मिलन
  • 1974 सगीना
  • 1976 बैराग
  • 1981 क्रांति
  • 1982 विधाता
  • 1982 शक्ति
  • 1983 मज़दूर
  • 1984 दुनिया
  • 1984 मशाल
  • 1986 धरम अधिकारी
  • 1986 कर्मा
  • 1989 क़ानून अपना अपना
  • 1990 इज़्ज़तदार
  • 1990 आग का दरिया
  • 1991 सौदागर
  • 1998 क़िला

पुरस्कार

उन्हे नौ बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर अवॉर्ड से नवाजा गया वे इस प्रकार –

  • 1983 – फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार – शक्ति
  • 1968 – फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार – राम और श्याम
  • 1965 – फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार – लीडर
  • 1961 – फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार – कोहिनूर
  • 1958 – फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार – नया दौर
  • 1957 – फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार – देवदास
  • 1956 – फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार – आज़ाद
  • 1954 – फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार – दाग
  • 2014 – किशोर कुमार सम्मान – अभिनय के क्षेत्र में
  • 1980 में उन्हें सम्मानित करने के लिए मुंबई का शेरिफ घोषित किया गया।
  • 1995 में उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • 1998 में उन्हे पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज़ भी प्रदान किया गया।
  • 1991 में पद्मभूषण से नवाजा गया।
  • 2015 में उन्हे पद्म विभूषण अवॉर्ड से सम्मानित हुए।

Sonu Siwach

नमस्कार दोस्तों, मैं Sonu Siwach, Jivani Hindi की Biography और History Writer हूँ. Education की बात करूँ तो मैं एक Graduate हूँ. मुझे History content में बहुत दिलचस्पी है और सभी पुराने content जो Biography और History से जुड़े हो मैं आपके साथ शेयर करती रहूंगी.

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