हेमवती नंदन बहुगुणा की जीवनी

March 05, 2019
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हेमवती नंदन बहुगुणा एक जानेमाने राजनीतिज्ञ और राजनेता थे। वे उत्तर प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके थे। वे 1971, 1977 और 1980 में लोक सभा के सदस्य भी नियुक्त हुए थे। 1977 में वे केंद्रीय मंत्रिमण्डल में पेट्रोलियम, रसायन और उर्वरक मंत्री  भी रहे। तो आइए आज इस आर्टिकल में हम आपको हेमवती नंदन बहुगुणा के जीवन के बारे में बताएगे।

हेमवती नंदन बहुगुणा की जीवनी

जन्म

हेमवती नंदन बहुगुणा का जन्म 25 अप्रैल, 1919 को उत्तराखंड के बुघाणी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम रेवती नंदन बहुगुणा था। हेमवती नंदन बहुगुणा अपने पिता रेवती नंदन बहुगुणा की दूसरी पत्नी की संतान थे। जानीमानी राजनीतिज्ञ रीता बहुगुणा हेमवती नंदन जी की बेटी हैं।

शिक्षा

हेमवती नंदन बहुगुणा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी.ए. तक की शिक्षा ग्रहण की थी।

करियर

1952 में हेमवती नंदन बहुगुणा सबसे पहले विधान सभा सदस्य चुने गए । इसके बाद वे दोबारा 1957 से लगातार 1969 तक और 1974 से 1977 तक उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य रहे। 1952 में वे उत्तर प्रदेश कांग्रेस समिति और 1957 से अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के सदस्य रहे। उन्होने अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव के रूप में भी कार्य किया ।1957 में हेमवती नंदन बहुगुणा  को  सम्पूर्णानन्द जी के मंत्रिमण्डल में सभासचिव चुना गया। सम्पूर्णानन्द मंत्रिमण्डल में श्रम और समाज कल्याण विभाग के संसदीय सचिव भी रहे। 1958 में उन्हे उद्योग विभाग का उपमंत्री बनाया गया। इसके बाद वे 1962 में श्रम विभाग के उपमंत्री बने। 1967 में वित्त और परिवहन मंत्री रहे। 1971, 1977 और 1980 में वे लोक सभा के सदस्य नियुक्त हुए। 2 मई, 1971 को वे केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में संचार राज्य मंत्री बने।
पहली बार 8 नवम्बर, 1973 से 4 मार्च, 1974 और दूसरी बार 5 मार्च, 1974 से 29 नवम्बर, 1975 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद 1977 में  वे केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में पेट्रोलियम, रसायन और उर्वरक मंत्री रहे। 1979 में केन्द्रीय वित्त मंत्री बने। हेमवती नंदन बहुगुणा ने इंग्लैण्ड, जर्मनी, इटली, मिस्र आदि कई देशों की यात्राएं कीं थी।

मृत्यु

17 मार्च, 1989 को हेमवती नंदन बहुगुणा की मृत्यु हो गई।

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