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कबीरदास की जीवनी – Kabirdas Biography Hindi

भक्तिकाल के एकलोते और रहस्यमयी कवी कहे जाने वाले कबीरदास की रचनाएँ जगत प्रसिद्ध है. उनकी रचनाएँ इतनी रहस्यमयी है की उनके रचनाओं को समझ पाना आजकल के युवाओं के लिए इतना आसान नहीं है. आज इस आर्टिकल में हम आपको कबीरदास की जीवनी – Kabirdas Biography Hindi के बारे में बताने जा रहे है.

कबीरदास की जीवनी – Kabirdas Biography Hindi

कबीरदास की जीवनी

जन्म

कबीर का जन्म 1425 ई. में वाराणसी में हुआ था जो हाल ही में उत्तर प्रदेश का एक हिस्सा है।  लेकिन बहुत से ज्ञानियों का मानना है की उनका जन्म काशी में हुआ जो की उनके एक दोहे से स्पष्ट भी होता है.

काशी में परगट भये, रामानंद चेताये

माता और पिता का नाम

कबीर के माता पिता के नाम को लेकर कई मत है जिनमें उन्हें एक विधवा ब्राह्मणी औरत का पुत्र बताया गया है और उनके पालन पोषण के बारे में नीरू और नीमा का नाम भी शामिल होता है जिससे उनके माता पिता का नाम सही से पता नहीं लग पाया है. उनका विवाह लोई से हुआ था जिनसे उन्हें दो सन्तान कमाल और कमाली हुए.

कबीरदास के गुरु

कबीर के गुरु रामानंद थे।

कबीरदास की रचनाएँ

मध्ययुगीन समाज सुधारक में कबीर का व्यक्तित्व व कृतित्व अनुपम रहा था। कबीर ने अपनी साखियों तथा पदों से तत्कालीन सामाजिक कुरीतियों पर कड़ा प्रहार किया था। रमैनी, सवद, साखी आदि इनकी रचनाएं बीजक में संग्रहित है।

निधन

कबीरदास के निधन पर भी विद्वानों और इतिहासकारों के मत अलग अलग है. विद्वाओं के अनुसार उनका निधन सन 1518 ई. में हुआ और इतिहासकारों के अनुसार उनका निधन 1448 ई. में हुआ था. लेकिन उस समय की एक बात प्रसिद्ध की उनके निधन पर हिन्दू और मुस्लिम में विवाद हो गया था सभी अपने अपने धर्म के हिसाब से उनका अंतिमसंस्कार करना चाहते है इसी बीच उनके मृत देह से चादर हटी तो उनके देह के स्थान पर उनको सिर्फ फूल ही नजर आये तो उसके बाद में आधे फूल हिन्दू और आधे फूल मुस्लिम समाज में बाँट कर उनका अंतिम संस्कार किया गया.

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