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Biography Hindi

ललिता पवार की जीवनी – Lalita Pawar Biography Hindi

ललिता पवार (English -Lalita Pawar)  हिन्दी फिल्मों की एक अभिनेत्री थी। उन्होने  लगभग 600 फ़िल्मों में काम किया और ‘शो मस्ट गो ऑन’ की भावना को जिया।

उन्होने अभिनेत्री के रूप में ‘राजकुमारी’ (1938), ‘हिम्मत-ए-मर्द’ (1935), ‘श्री 420’ , ‘आनंद’ ‘अनाड़ी’, सुजाता, हम दोनो आदि कई फिल्मों में काम किया।

उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1961) भी मिला।

ललिता पवार की जीवनी – Lalita Pawar Biography Hindi

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संक्षिप्त विवरण

नामललिता पवार
पूरा नामअंबा लक्ष्मण राव शागुन
जन्म18 अप्रैल, 1916
जन्म स्थाननासिक, महाराष्ट्र
पिता का नामलक्ष्मण राव शागुन
माता का नाम
राष्ट्रीयता भारतीय
धर्म

जन्म

Lalita Pawar का जन्म 18 अप्रैल 1916 को नासिक, महाराष्ट्र में हुआ था। उनका वास्तविक नाम अंबा लक्ष्मण राव शागुन था।

उनके पिता का नाम लक्ष्मण राव शागुन था।

करियर

ललिता ने फ़िल्मी करियर की शुरुआत बाल-कलाकार की तरह आर्यन फ़िल्म कंपनी के साथ की।

मूक प्रोडक्शन वाली फ़िल्मों की मुख्य भूमिका वाले नारी-चरित्रों की भूमिकायें निभाता उनका फ़िल्मी सफर जारी रहा।

उस समय फ़िल्मों में उनका स्क्रीन नाम ‘अंबू’ था। मूक स्टंट फ़िल्म ‘दिलेर जिगर’ उनकी प्रारंभिक सफलतम फ़िल्मों में शुमार है, जिसे ललिता के पति जी.पी. पवार ने निर्देशित किया था।

अवाक फ़िल्मों से बोलती फ़िल्मों की यात्रा में सहभागी रहीं ललिता ने टॉकी फ़िल्मों में भी कई मुख्य भूमिकायें निभाईं, जिनमें शामिल हैं- ‘राजकुमारी’ (1938), ‘हिम्मत-ए-मर्द’ (1935) और ‘दुनिया क्या है’ (1937)। ‘दुनिया क्या है’ ललिता की ही निर्माण की हुई फ़िल्म थी।

मुख्य भूमिकायें निभातीं ललिता पवार की किस्मत ने पलटा खाया और एक दुर्घटना ने उनका चेहरा बिगाड़ दिया और उनकी आंखों की रोशनी भी खराब हो गई।

लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अभिनय का साथ नहीं छोड़ते हुये चरित्र-प्रधान रोल करने लगीं।

फ़िल्म ‘रामशास्त्री’(1944) में अपनी खराब हो चुकी बायीं आंख का कलात्मक प्रयोग क्रूर और परंपरागत सास की भूमिका में किया।

उनकी यह भूमिका उनका सर्वाधिक मशहूर स्क्रीन इमेज बन गई। 1960 और 1970 के दशकों में ललिता बहुधा इस छवि में मिल जाती हैं।

फिल्में

वर्षफिल्में
1944राम शास्त्री
1955श्री 420
1955मि. & मिसेज 55
1957नौ दो ग्यारह
1959अनाड़ी

सुजाता

1961हम दोनो
1962प्रोफ़ेसर
1974दूसरी सीता
1976आज का ये घर
1980 काली घटा

फिर वो ही रात

सौ दिन सास के

पुरस्कार

  • 1959 में उन्हे अनाड़ी फिल्म में अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।
  • 1961में Lalita Pawar को अभिनय के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया।

मृत्यु

Lalita Pawar की मृत्यु 81 वर्ष की उम्र में 24 फरवरी 1998 को पुणे, महाराष्ट्र, भारत हुई।

Sonu Siwach

नमस्कार दोस्तों, मैं Sonu Siwach, Jivani Hindi की Biography और History Writer हूँ. Education की बात करूँ तो मैं एक Graduate हूँ. मुझे History content में बहुत दिलचस्पी है और सभी पुराने content जो Biography और History से जुड़े हो मैं आपके साथ शेयर करती रहूंगी.

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