Biography Hindi

लता मंगेशकर की जीवनी – Lata Mangeshkar Biography Hindi

लता मंगेशकर भारत की सबसे अनमोल गायिका है। पूरी दुनिया उनकी आवाज की दीवानी हैं पिछले 10 दशको से भारतीय सिनेमा को अपनी आवाज दे रही लता मंगेशकर बेहद शांत स्वभाव की और प्रतिभा की धनी है. भारत के क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर उन्हे अपनी मां मानते हैं. आज पूरी संगीत की दुनिया उनके आगे नतमस्तक है। लता जी ने लगभग 30 से ज्यादा भाषाओं में फिल्मी और गैर फिल्मी गाने गाए हैं। लता जी हमेशा नंगे पावँ गाना गाती है। लेकिन उनके पहचान भारतीय सिनेमा में एक पार्श्व गायक के रूप में रही है। तो आइए आज हम इस आर्टिकल में आपको लता मंगेशकर की जीवनी – Lata Mangeshkar Biography Hindi के बारे में बताएंगे।

लता मंगेशकर की जीवनी – Lata Mangeshkar Biography Hindi

लता मंगेशकर की जीवनी

जन्म

लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ था। इनका बचपन में नाम ‘हेमा’ था, लेकिन जब यह 5 वर्ष की थी तो इनके माता-पिता ने इनका नाम ‘लता’ रख दिया गया। इनके पिता का नाम दीनानाथ मंगेशकर और माता का नाम शेवंती मंगेशकर था। इनका जन्म एक मराठा परिवार में हुआ था। लता के पिता रंगमंच कलाकार और शास्त्रीय गायकार थे. यह पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। लता मंगेशकर के भाई बहनों के नाम इस प्रकार है- ह्रदयनाथ मंगेशकर, उषा मंगेशकर ,मीना मंगेशकर आशा भोसले। इन सभी ने अपनी आजीविका चलाने के लिए गायन को ही चुना।

लता मंगेशकर का जन्म इंदौर में हुआ था, लेकिन उनकी परवरिश महाराष्ट्र में हुई। जब लता 7 साल की थी तब वह महाराष्ट्र आई। लता मंगेशकर ने 5 साल की उम्र से ही अपने पिता के साथ एक रंगमंच कलाकार के रूप में अभिनय करना शुरू कर दिया।

करियर

  • 1942 में दीनानाथ मंगेशकर की मृत्यु हो गई। इस दौरान लता केवल 13 वर्ष की थी। नवयुग चित्रपट फिल्म कंपनी के मालिक और उनके पिता के दोस्त मास्टर विनायक (विनायक दामोदर कर्नाटकी) उनके परिवार को संभाला और लता मंगेशकर को एक सिंगर और अभिनेत्री बनने में मदद की।
  • पहली बार लता ने वसंग जोगलेकर द्वारा निर्देशित एक फ़िल्म कीर्ति हसाल के लिए गाया। लेकिन उनके पिता नहीं चाहते थे कि लता फिल्मों के लिए गए इसलिए गाने को फिल्म से निकाल दिया गया था।  अपने पिता की मृत्यु के बाद लता मंगेशकर को पैसों की बहुत किल्लत झेलनी पड़ी और काफी संघर्ष करना पड़ा। उन्हें अभिनय करना बहुत पसंद नहीं था लेकिन पिता की असमय मृत्यु के कारण पैसों की कमी के कारण उन्हें अभिनय करना पड़ा और उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया। अभिनेत्री के रूप में उनकी पहली फिल्म पाहिली मंगलागौर(1942) रही। जिसमें उन्होंने स्नेहाप्रभा प्रधान की छोटी बेटी के रूप में भूमिका निभाई। इसके बाद में उन्होंने कई फिल्मों में अभिनय किया जिनमें से माझे बाल,  चिमुकला संसार (1943), गजभाऊ(1944), बड़ी मां(1945), जीवन यात्रा(1946), माँद (1948), छत्रपति शिवाजी(1952) शामिल थी लता मंगेशकर ने खुद की भूमिका के लिए गाने भी गाए और आशा के लिए पार्श्व गायन भी किया ।
  • 1945 में उस्ताद गुलाम हैदर अपनी आने वाली फिल्म के लिए लता को एक निर्माता के स्टूडियो ले गए जिसमें कामिनी कौशल मुख्य भूमिका निभा रही थी। वे चाहते थे कि लता उस फिल्म के लिए पार्श्व गायन करें लेकिन गुलाम हैदर को निराशा हाथ लगी।
  • 1947 में वसंत जोगलेकर ने अपनी फिल्म ‘आपकी सेवा में’ में लता को गाना गाने का मौका दिया। इस फिल्म के गानों से लता की खूब चर्चा हुई। इसके बाद लता ने ‘मजबूर’ फिल्म के गानों “अंग्रेजी छोरा चला गया” और “दिल मेरा तोड़ा हाय मुझे कहीं का ना छोड़ा तेरे प्यार” ने जैसे गानों से अपनी स्थिति सुदृढ़ की। लेकिन इसके बावजूद भी लता को उसका खास हिट कि अभी भी तलाश थी।
  • 1949 में लता को एक बार फिर ऐसा मौका फिल्म” महल” के “आएगा आने वाला” गीत से मिला। इस गीत को उस समय की सबसे खूबसूरत और चर्चित अभिनेत्री मधुबाला पर फिल्माया गया था। यह फिल्म काफी सफल रही थी और लता तथा मधु बाला दोनों के लिए यह बहुत ही शुभ साबित हुई। इसके बाद में लता जी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा

अवॉर्ड

  • फिल्म फेयर पुरस्कार 1958, 1962, 1965, 1969, 1993 और 1994 में
  • राष्ट्रीय पुरस्कार- 1972, 1975 और 1990 में
  • महाराष्ट्र सरकार पुरस्कार 1966 और 1967 में
  • पदम भूषण 1969
  • 1976 में दुनिया में सबसे अधिक गीत गाने का गिनीज बुक रिकॉर्ड
  • दादा साहेब फालके अवॉर्ड 1989 में
  • फिल्मफेयर का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड 1993 में
  • 1996 में स्क्रीन का लाइफ  टाइम अचीवमेंट पुरस्कार
  • 1997 में राजीव गांधी पुरस्कार से नवाजा गया
  • 1999 में एम. टी. आर. पुरस्कार, पदम विभूषण और जी सिने का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
  • 2000 में  आई.आई.ए.एफ. का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
  • 2001 में भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान पुरस्कार भारत रत्न से नवाजा गया इसके साथ- साथ ही नूरजहां पुरस्कार, महाराष्ट्र भूषण, स्टारडस्ट का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close