मुकेश अंबानी की जीवनी – Mukesh Ambani Biography Hindi

April 23, 2019
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मुकेश अंबानी भारतीय व्यवसायी है। वे रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक व दुनिया के सबसे अमीर शख्सियतों में शुमार भारतीय उद्योगपति है। 2019 की फोर्ब्स सूची के मुताबिक वह दुनिया के 13वें में सबसे अमीर शख्स है। उनकी कुल संपत्ति  55 अरब डॉलर है। अमेरिका के प्रतिष्ठित टाइम पत्रिका ने उन्हे अपनी सौ सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया है। 1981 में रिलायंस इंडस्ट्रीज की बागडोर संभाली। उन्होने मोबाइल फोन, ब्रॉडबैंड सेवाएं तथा डिजिटल सेवा प्रदान करने वाली जिओ कंपनी की स्थापना की है। इसके साथ ही वे इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियन के मालिक है। तो आइए आज हम आपको इस आर्टिकल में अंबानी की जीवनी- Mukesh Ambani Biography Hindi के बारे में बताएंगे।

मुकेश अंबानी की जीवनी – Mukesh Ambani Biography Hindi

जन्म

मुकेश अंबानी का जन्म 19 अप्रैल, 1957 को यमन में हुआ था। उनका पूरा नाम मुकेश धीरूभाई अंबानी है। मुकेश अंबानी के पिता का नाम स्वर्गीय धीरूभाई अंबानी हैं। वे भारत के सबसे प्रखर उद्योगपति है। धीरूभाई अंबानी एक भारतीय उद्यमी एवं रिलायंस इंडस्ट्रीज  के संस्थापक थे।इनका परिवार गुजरात के मोध बनिया समुदाय से ताल्लुक रखता है। उनकी माता का नाम है कोकिला बेन अम्बानी  है। उनके भाई का नाम अनिल अम्बानी है उनके भाई अनिल अम्बानी रिलायंस अनिल “धीरूभाई अम्बानी” समूह के प्रमुख हैं। यह समूह दूरसंचार, बिजली, प्राकृतिक संसाधनों, बुनियादी सुविधाओं और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में काम करता है। 2004 में उनके पिता की मृत्यु के बाद इनके पिता की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज पर नियंत्रण को लेकर दोनों भाइयों के बीच में विवाद हुआ था , जिसके बाद रिलायंस समूह दो भागों में विभाजित हो गया।

मुकेश अम्बानी की पत्नी का नाम नीता अम्बानी है। वे रिलायंस इंडस्ट्रीज के सामाजिक एवं धर्मार्थ कार्यो को देखती हैं। उनके तीन बच्चे हैं: आकाश, ईशा और अनंत अम्बानी है।

मुकेश अम्बानी अपने परिवार के साथ दक्षिण मुंबई स्थित अपने 27 मंजिली ईमारत ‘एंटीलिया’ में रहते हैं। इसे दुनिया का सबसे महंगा मकान माना जाता है। लगभग 600 कर्मचारियों का दल इस ईमारत की देख-रेख में लगा रहता है। इसके नाम अटलांटिक ओसियन स्थित इसी नाम के एक पौराणिक टापू पर रखा गया है। उनकी कुल संपत्ति  55 अरब डॉलर है।

शिक्षा

मुकेश अम्बानी की स्कूली शिक्षा अबाय मोरिस्चा स्कूल, मुंबई में हुयी तथा मुकेश अम्बानी ने ‘इंस्टिट्यूट ऑफ़ केमिकल टेक्नोलॉजी, माटुंगा’ से केमिकल इंजीनियरिंग ऑफ़ बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद में मुकेश ने एम.बी.ए. करने के लिए स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में दाखिला लिया पर एक साल बाद ही अपने पिता धीरुभाई अम्बानी की मदद करने के लिए पढ़ाई छोड़ दी।

करियर

1980 में जब इंदिरा गाँधी सरकार ने पी.एफ.वाई. (पॉलिएस्टर फिलामेंट यार्न) का निर्माण निजी क्षेत्र के लिए खोला तब रिलायंस ने भी लाइसेंस के लिए अपनी दावेदारी पेश की और टाटा, बिड़ला तथा 43 और दिग्गजों के मध्य लाइसेंस पाने में कामयाबी हासिल की। पी.एफ.वाई. (पॉलिएस्टर फिलामेंट यार्न) कारखाने के निर्माण के लिए धीरुभाई अम्बानी ने मुकेश को एम.बी.ए. की पढ़ाई बीच में ही बुला लिया। मुकेश अपनी पढ़ाई छोड़ भारत आ गए और कारखाने के निर्माण में जुट गए।

मुकेश अम्बानी के नेतृत्व में ही रिलायंस ने भारत के सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों में से एक ‘रिलायंस इन्फोकॉम लिमिटेड’ (अब रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड) की स्थापना की।
मुकेश ने जामनगर (गुजरात) में बुनियादी स्तर की विश्व की सबसे बड़ी पेट्रोलियम रिफायनरी की स्थापना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2010 में इस रिफायनरी की क्षमता 660,000 बैरल प्रति दिन थी यानी 3 करोड़ 30 लाख टन प्रति वर्ष। लगभग 100000 करोड़ रुपयों के निवेश से बनी इस रिफायनरी में पेट्रोकेमिकल, पावर जेनरेशन, पोर्ट तथा सम्बंधित आधारभूत ढांचा है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक बार फिर ‘रिलायंस जिओ’ के माध्यम से दूरसंचार के क्षेत्र में कदम रखने जा रही है। इस बावत रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अनिल अम्बानी के रिलायंस कम्युनिकेशनन्स और सुनील मित्तल के एयरटेल के साथ उनके ढांचे के इस्तेमाल के लिए करार भी किया है। जून 2014 में रिलायंस के ए.जी.एम. के दौरान मुकेश ने अगले 3 साल में 4G सेवाएं प्रारंभ करने का एलान भी किया। उन्होने मोबाइल फोन, ब्रॉडबैंड सेवाएं तथा डिजिटल सेवा प्रदान करने वाली जिओ कंपनी की स्थापना की है। इसके साथ ही वे इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियन के मालिक भी है।

सम्मान और पुरस्कार

  •   मुकेश अम्बानी को एन डी टी वी द्वारा साल 2007 का ‘बिज़नसमैंन ऑफ़ द ईयर चुने गया।
  • यूनाईटेड स्टेटस-इंडिया बिज़नस कौंसिल (USIBC) ने वाशिंगटन में मुकेश अम्बानी को 2007 में “ग्लोबल विज़न” लीडरशिप अवार्ड दिया।
  • नवम्बर 2004 में प्राईस वाटर हाउस कूपर्स द्वारा कराये गए एवं फाइनेंशियल टाइम्स लन्दन में प्रकाशित सर्वे में मुकेश अम्बानी को चार सीईओ में दूसरा स्थान मिला।
  • अक्टूबर 2004 में टोटल टेलिकॉम ने दूरसंचार के क्षेत्र में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति के तौर पर मुकेश अम्बानी को वर्ल्ड कम्युनिकेशन अवार्ड दिया।
  • वौइस् एंड डाटा पत्रिका ने सितम्बर 2004 में उन्हें ‘टेलिकॉम मैंन ऑफ़ द ईयर’ चुना।
  • फोर्च्यून पत्रिका के अगस्त 2004 अंक में सबसे शक्तिशाली कारोबारियों की एशिया पॉवर 25 सूचि में मुकेश को 13वां स्थान मिला
  • मई 2004 में एशिया सोसाइटी, वॉशिंगटन डी सी द्वारा उन्हें एशिया सोसाइटी लीडरशिप अवार्ड प्रदान किया गया
  • इंडिया टुडे के मार्च मई 2004 अंक में द पॉवर लिस्ट मई 2004 में मुकेश अम्बानी ने लगातार दूसरे साल पहला स्थान हासिल किया
  • जून 2007 में भारत के पहले Trillionaire चुने गए।
  • गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों “चित्रलेखा पर्सन ऑफ़ द ईयर –2007” पुरस्कार प्राप्त किया।
  • 2019 की फोर्ब्स सूची के मुताबिक वे दुनिया के 13वें में सबसे अमीर शख्स है।
  • अमेरिका के प्रतिष्ठित टाइम पत्रिका ने उन्हे अपनी सौ सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया है।

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