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पी.वी. सिंधु की जीवनी – P.V. Sindhu Biography Hindi

पी. वी. सिंधु एक बैडमिंटन खिलाड़ी है। वे विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी। 24 अगस्त 2019 को हुए सेमीफाइनल मैच में उन्होंने चीन की चेन यु फी को 21-7, 21-14 से हराया। सिंधु ने सीधे सेटों में 38 मिनट के अंदर ही विपक्षी चीनी चुनौती को समाप्त कर दिया। इसके साथ ही वे ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं थी। मार्च 2015 में सिंधु को खेलों में उनके योगदान के लिए भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। 2018 में वे फोर्ब्स की “हाईएस्ट पेड महिला एथलीट” की सूची में 7वें स्थान पर रहीं और फोर्ब्स इंडिया की 22 यंग अचीवर्स की पहली सूची में पहले स्थान पर रहीं। तो आइए आज इस आर्टिकल में हम आपको पी.वी. सिंधु की जीवनी – P.V. Sindhu Biography Hindi के बारे में बताएगे।

पी.वी. सिंधु की जीवनी – P.V. Sindhu Biography Hindi

पी.वी. सिंधु की जीवनी - P.V. Sindhu Biography Hindi

जन्म

पी. वी. सिंधु का जन्म 5 जुलाई 1995 को हैदराबाद, आंध्र प्रदेश, भारत में हुआ था। उनके पिता का नाम पी.वी. रमण तथा उनकी माता का नाम पी. विजया है। उनके माता-पिता दोनों वॉलीबॉल के पूर्व खिलाड़ी हैं। पीवी रमण को वालीबाल खेल में उल्लेखनीय कार्य हेतु 2000 में खेल के प्रति उनके योगदान के लिए अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पी. वी. सिंधु का पूरा नाम पुसरला वेंकट सिंधु है। उनकी एक बड़ी बहन का नाम दिव्याराम पुसरला है, जोकि राष्ट्रीय स्तर की हैंडबॉल खिलाड़ी थी और बाद में डॉक्टर बन गई।

शिक्षा

पी.वी.ने अपनी शुरुआती शिक्षा ऑक्सिलियम हाई स्कूल से प्राप्त की। वह बचपन में पढ़ाई में होशियार थी और डॉक्टर बनना चाहती थी। सिंधु ने महज आठ साल की उम्र से बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया। शुरुआत में, उसने इसे मज़े के लिए खेला लेकिन जल्द ही उसे एहसास हुआ कि वह इसमें अपना करियर बनाना चाहती है।उन्होने महबूब अली से खेल की मूल बातें जानने के लिए सिकंदराबाद में भारतीय रेलवे संस्थान में दाखिला लिया और बाद में अपने कौशल को बढ़ाने के लिए पुलेला गोपीचंद की बैडमिंटन अकादमी में शामिल हो गईं। इसके बाद, उसने एमबीए करने के लिए सेंट एन कॉलेज में महिलाओं के लिए खुद को नामांकित किया।आगे चलकर उन्होने मेहदीपट्टनम से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की हैं।

हाइट

  • उनकी हाइट 5 फीट 10 इंच है।
  • उनका वजन 65 kg है।

करियर

  • सिंधु ने 2009 में कोलंबो में सब-जूनियर एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप में बैडमिंटन खिलाड़ी के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरुआत की और कांस्य पदक जीता।
  • इसके बाद, वह 2010 के ईरान फ़जर इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज में खेली, जहाँ उसने एकल वर्ग में रजत पदक हासिल किया।
  • 2011 में, उन्होंने डगलस कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।
  • यह उसके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ था। हालांकि, उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन 2012 में आया, जब उन्होंने ली निंग चीन मास्टर्स सुपर सीरीज प्रतियोगिता में चीन के 2012 के लंदन ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता ली ज्यूरुई को हराया।
  • 2013 में, सिंधु बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला एकल खिलाड़ी बनीं।
  • इसके बाद, उसने 2016 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के सेमीफाइनल में जापानी नोज़ोमी ओकुहारा को हराया और फाइनल में प्रवेश किया।
  • इसके साथ, वह 2016 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय शटलर बन गई।
  • यहां तक ​​कि वह ओलंपिक में व्यक्तिगत स्पर्धा में पोडियम फिनिश करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बनीं।
  • हालांकि, 83 मिनट तक चले फाइनल मैच में सिद्धू को कैरोलिना मारिन ने हराया, जिससे उन्होंने ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में रजत पदक जीता। पी.वी. सिंधु की जीवनी – P.V. Sindhu Biography Hindi 
  • 2018 में, उसने वर्ल्ड टूर फाइनल 2018 में जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराकर विश्व टूर का खिताब हासिल किया।
  •  24 अगस्त 2019 को हुए सेमीफाइनल मैच में उन्होंने चीन की चेन यु फी को 21-7, 21-14 से हराया। सिंधु ने सीधे सेटों में 38 मिनट के अंदर ही विपक्षी चीनी चुनौती को समाप्त कर दिया।

पदक

  • 2013 – कांस्य पदक
  • 2014 – कांस्य पदक
  • 2017 – रजत पदक
  • 2018 – रजत पदक
  • 2019 – स्वर्ण पदक (वे विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी।)

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 पुरस्कार

  • 2016 में उन्हे राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से नवाजा गया।
  • मार्च 2015 में सिंधु को खेलों में उनके योगदान के लिए भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।
  • इसके अलावा उन्हे 2013 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

अन्य जानकारी

  • पी. वी. सिंधु को अपने खाली समय में फिल्में देखना और योग करना बहुत पसंद है।
  • पी. वी. सिंधु के माता-पिता बॉलीवॉल के खिलाड़ी रह चुके हैं। उनके पिता को बॉलीवॉल में ‘अर्जुन पुरस्कार’ भी मिल चुका है।
  • वह सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानती हैं। हालांकि, उनकी प्रेरणा उनके कोच पुलेला गोपीचंद हैं।
  • पिछले तीन साल से 21 साल की सिंधु सुबह 4:15 बजे ही उठ जाती हैं और बैडमिंटन की प्रैक्टिस शुरू कर देती हैं। शुरुआत में सिंधू हर दिन घर से 56 किलोमीटर की दूरी तय कर बैडमिंटन कैंप में ट्रेनिंग के लिए जाती थीं।
  • 2012 में ही निंग चाइना मास्टर सुपर सीरीज में लंदन ओलंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट ली झूरी को हराकर तहलका मचा दिया।
  • 2014 में, उसे NDTV द्वारा भारतीय वर्ष के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।
  •  2016 रियो ओलंपिक में रजत पदक जीतने के बाद सिंधु को आंध्र प्रदेश सरकार ने डिप्टी कलेक्टर के रूप में नियुक्त किया था।
  • वह एक दाएं हाथ की बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।
  •  सिंधु ने GRAZIA, JFW और ELLE सहित कई पत्रिकाओं के कवर पर छापा है।
  • बचपन में, जब सिंधु की बहन और उसकी बहन के दोस्त बैडमिंटन खेला करते थे, तो वह उनसे खेलने का मौका मांगती थी, लेकिन वे हमेशा मना कर देते थे और कहते थे- “नहीं, तुम जाओ, तुम एक छोटे बच्चे हो!”
  • ओलंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधु ने BWF वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में शानदार जीत दर्ज कर पहली बार इस खिताब को अपने नाम किया है।
  •  वे वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय शटलर हैं।
  • रियो ओलंपिक में बैडमिंटन सिंगल्स में सिल्वर मेडल जीतने के बाद सिंधु की जाति गूगल पर काफी सर्च की गई।
  • 2018 में वे फोर्ब्स की “हाईएस्ट पेड महिला एथलीट” की सूची में 7वें स्थान पर रहीं और फोर्ब्स इंडिया की 22 यंग अचीवर्स की पहली सूची में पहले स्थान पर रहीं।
  • वे विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी। इसके साथ ही वे ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं थी।

Sonu Siwach

नमस्कार दोस्तों, मैं Sonu Siwach, Jivani Hindi की Biography और History Writer हूँ. Education की बात करूँ तो मैं एक Graduate हूँ. मुझे History content में बहुत दिलचस्पी है और सभी पुराने content जो Biography और History से जुड़े हो मैं आपके साथ शेयर करती रहूंगी.

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