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रतन टाटा की जीवनी – Ratan Tata Biography Hindi

रतन टाटा सुप्रसिद्ध उद्योगपति है तथा वे टाटा समुह के वर्तमान अध्यक्ष, जो भारत की सबसे बड़ी व्यापारिक समूह है, जिसकी स्थापना जमशेदजी टाटा ने की और उनके परिवार की पीढियों ने इसका विस्तार किया और इसे दृढ़ बनाया। दुनिया की सबसे छोटी कार बनाने से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हुए1991 से 2012 तक और फिर 2016 -17 में वह देश के प्रतिष्ठित टाटा ग्रुप के चेयरमैन रहे। टाटा समूह के बिजनेस का दूसरे देशों में विस्तार किया। 2008 में उन्हे पद्मविभूषण और 2000 में उन्हे पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। अब अपने चैरिटी से जुड़े कार्यों में व्यस्त रहते हैं। नवम्बर 2007 में फॉर्च्यून पत्रिका ने उन्हें व्यापर क्षेत्र के 25 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया। मई 2008 में टाटा को टाइम पत्रिका की 2008 की विश्व के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया गया। तो आइए आज इस आर्टिकल में हम आपको रतन टाटा की जीवनी – Ratan Tata Biography Hindi के बारे में बताएगे।

रतन टाटा की जीवनी – Ratan Tata Biography Hindi

रतन टाटा की जीवनी - Ratan Tata Biography Hindi

जन्म

रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में हुआ था। उनके पिता का नाम नवल टाटा तथा उनकी माता का नाम सोनू टाटा है। उनके दादा का नाम श्री जमशेदजी टाटा था रतन टाटा की एक सौतेली माँ भी है जिसका नाम सिमोन टाटा हैं। सिमोन का एक पुत्र हैं जिसका नाम नोएल टाटा हैं।  नवल और सोनू ने रतन टाटा को गोद लिया था जब वे मात्र 10 साल की उम्र में उनके माता -पिता उनसे अलग हो गये थे तब नवल और सोनू ने उनका पालन-पोषण किया था.

शिक्षा

रतन टाटा ने कैपियन स्कूल से शुरूआती पढ़ाई करने के बाद उन्होने   कार्निल यूनिवर्सिटी लंदन से आर्किटेक्चर एंड स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की स्नातक की डिग्री प्राप्त की और फिर हार्वड विश्वविघालय से एडवांस मैनेजमेंट प्रोग्राम कोर्स किया। उन्हें प्रतिष्टित कंपनी आईबीएम से नौकरी का बढ़िया प्रस्ताव मिला, लेकिन रतन ने उस प्रस्ताव को ठुकराकर अपने पुश्तैनी बिजनेस को ही आगे बढ़ाने की ठानी।

करियर

रतन जी ने अपने करियर की शुरुआत 1961 में की, शुरू में उन्होंने शॉप फ्लोर आदि पर वर्क किया। इसके बाद में रतन जी टाटा समूह और ग्रुप के साथ जुड़े थे। 1971 में रतन जी नेल्को कंपनी (रेडियो और इलेक्ट्रॉनिक) में डायरेक्टर पद पर नियुक्त हुए। 1981 में जमशेदजी टाटा ने रतन को टाटा समूह का नया अध्यक्ष बनाया। रतन टाटा के समय टाटा इंड्रस्ट्री ने कई मंजिले पाई, 1998 में पहली बार रतन टाटा के निर्देशन में टाटा मोटर्स ने एक भारतीय कार ” टाटा इंडिका ” को बाजार में उतारा था। इससे टाटा समूह की पहचान धीरे-धीरे बढ़ती चली गयी।

इसके बाद रतन टाटा ने एक छोटी कार टाटा नैनो जो भारत में बनी है मार्केट में उतारी, जो भारत के इतिहास में सबसे सस्ती कार थीं। उसके बाद रतन टाटा ने 2012 में टाटा के सभी प्रमुख पदों से सेवा मुक्त होने की घोषणा की। टाटा अभी चेरीटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष का पद देखते हैं। रतन टाटा ने देश और विदेशों में भी कई संघटनो के साथ भी कार्य किया हैं और अपने बिजनेस को आगे लेकर गए है।

सम्मान और पुरस्कार

  • भारत के 50वें गणतंत्र दिवस समारोह 26 जनवरी 2000 पर रतन टाटा को तीसरे नागरिक अलंकरण पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
  • उन्हें 26 जनवरी 2008 भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक अलंकरण पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
    वे नैसकॉम ग्लोबल लीडरशिप (NASSCOM Global Leadership) पुरस्कार 2008 प्राप्त करने वालों में से एक थे। ये पुरस्कार उन्हें 14 फ़रवरी 2008 को मुम्बई में एक समारोह में दिया गया।
  • मार्च 2006 में टाटा को कॉर्नेल विश्वविद्यालय द्वारा 26वें रॉबर्ट एस सम्मान से सम्मानित किया गया। आर्थिक शिक्षा में हैटफील्ड रत्न सदस्य, वह सर्वोच्च सम्मान जो विश्वविद्यालय कंपनी क्षेत्र में प्रतिष्ठित व्यक्तियों को प्रदान करती है।
  • फरवरी 2004 में, रतन टाटा को चीन के झोज्यांग प्रान्त में हांग्जो (Hangzhou) शहर में मानद आर्थिक सलाहकार की उपाधि से सम्मानित किया गया।
  • उन्हें लन्दन स्कूल ऑफ़ इकॉनॉमिक्स (London School of Economics) से मानद डॉक्टरेट की उपाधि हासिल हुई,
  • नवम्बर 2007 में फॉर्च्यून पत्रिका ने उन्हें व्यापर क्षेत्र के 25 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया।
  • मई 2008 में टाटा को टाइम पत्रिका की 2008 की विश्व के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया गया।

Sonu Siwach

नमस्कार दोस्तों, मैं Sonu Siwach, Jivani Hindi की Biography और History Writer हूँ. Education की बात करूँ तो मैं एक Graduate हूँ. मुझे History content में बहुत दिलचस्पी है और सभी पुराने content जो Biography और History से जुड़े हो मैं आपके साथ शेयर करती रहूंगी.

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