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श्रीपति मिश्रा की जीवनी

श्रीपति मिश्रा भारतीय राजनीतिज्ञ और एक राजनेता थे। श्रीपति मिश्रा जी उत्तर प्रदेश के 13वें मुख्यमंत्री थे। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक थे। मिश्रा जी 19 जुलाई, 1982 से 3 अगस्त, 1984 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे थे। 1969 में वे लोक सभा के सदस्य बने। 18 फरवरी 1970 से 01 अक्टूबर 1970 तक वे चौधरी चरण सिंह की सरकार में मंत्री रहे श्रीपति मिश्रा जी के पास खाद्य और रसद, राजस्‍व अभाव, समाज कल्‍याण, हरिजन सहायक, शिक्षा, खेलकूद, श्रम, सहायता तथा पुनर्वास का कार्यभार था। इसके बाद 18 अक्‍टूबर 1970 से 04 अप्रैल 1971 तक वे त्रिभुवन नारायण सिंह सरकार के मंत्रिमण्‍डल में शिक्षा और प्राविधिक शिक्षा मंत्री रहे। 1970 से 1976 तक वे विधान परिषद् के सदस्य रहे। तो आइए आज इस आर्टिकल में हम आपको श्रीपति मिश्रा के जीवन के बारे में बताएगे।

श्रीपति मिश्रा की जीवनी

श्रीपति मिश्रा की जीवनी

जन्म

श्रीपति मिश्रा जन्म 20 जनवरी, 1924 को सुल्तानपुर में हुआ था। उनका पूरा नाम पण्डित श्रीपति मिश्रा था। उनके पिता का नाम पंडित राम प्रसाद मिश्र था वे एक प्रतिष्ठित राजकीय वैद्य थे। उनकी माता का नाम जसराज था। श्रीपति मिश्रा अपनी माता जसराज के नक्शे कदम पर चलकर ही समाज सेवा की ओर आकर्षित हुए थे। श्रीपति जी धार्मिक प्रवृत्ति और कोमल स्वभाव के व्यक्ति थे। श्रीपति मिश्रा की शादी 1941 में हुई थी। उनकी पत्नी का नाम राजकुमारी मिश्रा था और वे तीन बेटे और एक बेटी के बाप है।

शिक्षा

श्रीपति मिश्रा की प्रारंभिक शिक्षा सुल्तानपुर में हुईऔर फिर  इसके बाद वे हाईस्कूल व काशी से इंटर मीडिएट करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए लखनऊ चले गए। 14 साल की उम्र में ही श्रीपति मिश्रा राजनीति से जुड़ गए थे। 1938 में वे एक भूख हड़ताल में शामिल हुए थे। 1941 में वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के यूनियन सचिव चुने गए थे।

करियर

व्यवसायिक रूप से वे कृषि और वकालत करते थे। मार्च 1962 में वे पहली बार तीसरी विधान सभा के सदस्य के रूप में नियुक्त हुए।  इसके बाद मार्च 1967 में वे चौथी विधान सभा के सदस्‍य बने। 19 जून 1967 से 14 अप्रैल 1968 तक वे उत्तर प्रदेश विधान सभा के उपाध्यक्ष रहे।

1969 में श्रीपति मिश्रा लोक सभा के सदस्य बने। 18 फरवरी 1970 से 01 अक्टूबर 1970 तक वे चौधरी चरण सिंह की सरकार में मंत्री रहे और उनके पास खाद्य एवं रसद, राजस्‍व अभाव, समाज कल्‍याण, हरिजन सहायक, शिक्षा, खेलकूद, श्रम, सहायता और पुनर्वास का कार्यभार था। 18 अक्‍टूबर 1970 से 04 अप्रैल 1971 तक वे त्रिभुवन नारायण सिंह सरकार के मंत्रिमण्‍डल में शिक्षा तथा प्राविधिक शिक्षा मंत्री रहे। 1970 से 1976 तक श्रीपति मिश्रा जी विधान परिषद् के सदस्य रहे। 1976 में वे राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष बने। जून 1980 में वे आठवीं विधान सभा के सदस्‍य चुने गए । 07 जुलाई 1980 से 18 जुलाई 1982 तक वे उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष रहे। 19 जुलाई 1982 से 02 अगस्‍त 1984 तक श्रीपति मिश्रा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। 1985 में वे आठवीं लोक सभा के सदस्य निर्वाचित हुए ।

विदेश यात्राएँ

श्रीपति मिश्रा जी ने कई विदेश यात्राएँ की वे इस प्रकार है-

26वीं कामनवेल्‍थ पार्लियामेंटरी एसोसिएशन कांफ्रेंस, लुसाका (जाम्बिया), सितम्‍बर- अक्‍टूबर, 1980, 27वीं कामनवेल्‍थ पार्लियामेंटरी एसोसिएशन कांफ्रेंस, सूवा (फिजी), अक्‍टूबर, 1981, केन्‍या, मारीशस, सेशल्‍ज, श्रीलंका, सिंगापुर, आस्‍ट्रेलिया, फिलीपीन्‍स, जापान, हांगकांग, थाईलैण्‍ड तथा बहरीन आदि।

मृत्यु

7 दिसंबर 2002 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में श्रीपति मिश्रा जी की मृत्यु हो गई

Sonu Siwach

नमस्कार दोस्तों, मैं Sonu Siwach, Jivani Hindi की Biography और History Writer हूँ. Education की बात करूँ तो मैं एक Graduate हूँ. मुझे History content में बहुत दिलचस्पी है और सभी पुराने content जो Biography और History से जुड़े हो मैं आपके साथ शेयर करती रहूंगी.

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