सुंदरलाल पटवा की जीवनी -Sunderlal Patwa Biography Hindi

November 10, 2019
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सुन्दरलाल पटवा एक भारतीय राजनेता थे। वे दो बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। वे भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में से एक थे। आपातकाल के दौरान 27 जून, 1975 से 28 जनवरी, 1977 तक मीसा बंदी के रूप में जेल में रहे।1967 से 1974 तक जिला सहकारी बैंक के अध्‍यक्ष रहे। तो आइए आज इस आर्टिकल में हम आपको सुंदरलाल पटवा की जीवनी -Sunderlal Patwa Biography Hindi के बारे में बताएगे।

सुंदरलाल पटवा की जीवनी -Sunderlal Patwa Biography Hindi

जन्म

सुंदरलाल पटवा का जन्म 11 नवंबर 1924 को मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के कुकड़ेश्वर गांव में हुआ था।

करियर

वे 1941 से इन्‍दौर राज्‍य प्रजा मण्‍डल और 1942 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े। उसके बाद में 1947 से 1951 तक संघ प्रचारक तथा 1948 से संघ आंदोलन में सात माह तक जेल में रहे। 1951 में जनसंघ की स्‍थापना के साथ ही वे जनसंघ के सक्रिय कार्यकर्ता भी रहे। 1957 से लेकर 1967 तक विधान सभा सदस्‍य और विरोधी दल के मुख्‍य सचेतक के रूप में कम किया। 1967 से 1974 तक सुंदरलाल पटवा जिला सहकारी बैंक के अध्‍यक्ष रहे। 1975 में मध्य प्रदेश जनसंघ के महामंत्री चुने गए। आपातकाल के दौरान 27 जून, 1975 से 28 जनवरी, 1977 तक मीसा बंदी के रूप में  उन्हे जेल मेंरखा गया।

वे 20 जनवरी, 1980 से लेकर 17 फरवरी, 1980 तक पहली बार मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री चुने गए और उसके बाद 1990 के विधान सभा चुनाव में सदस्‍य निर्वाचित हुए तथा 5 मार्च 1990 से 15 दिसंबर 1992 तक मुख्‍यमंत्री के पद पर रहे। 1993 में वे दोबारा विधान सभा सदस्‍य के लिए निर्वाचित हुए। 1997 में छिंदवाड़ा से लोकसभा उपचुनाव में विजयी रहे वे 1997 में छिंदवाड़ा में हुए लोकसभा उपचुनाव में पहली बार सांसद बने और वाजपेयी सरकार में दो साल मंत्री के पद भी रहे। हालांकि 1998 में हुए आम चुनावों में उन्हें यहां से हार का सामना भी करना पड़ा था।

  • 1957-67, 1977से 1997 और 1998 में मध्यप्रदेश विधानसभा में तीन बार विधायक रहे
  • 1957-67 में विधानसभा में विपक्षी दल के चीफ व्हीप
  • 1975 में मध्यप्रदेश से जनसंघ के महासचिव चुने गए ,
  • 1977 में जनता पार्टी के कार्यसमिति सदस्य के रूप में कार्य किया।
  • 1980 जनवरी से फरवरी 1980 में पहली बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने
  • 1980 से 1985 में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष
  • 1990 मार्च से 1992 दिसंबर तक दूसरी बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने
  • 1986 में मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष के रूप में कार्यरत रहे।
  • 1997 में 11वीं लोकसभा में सांसद चुने गए।
  • 1999 में 13वीं लोकसभा में संसदीय क्षेत्र होशंगाबाद से दूसरी बार सांसद बने
  • 13 अक्टूबर 1999 से 30 सितंबर 2000 तक केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रहे
  •  सुंदरलाल पटवा 30 सितंबर 2000 से लेकर 7 नवंबर 2000 तक केंद्रीय रसायक और उर्वरक मंत्री रहे
  • 7 नवंबर 2000 से 1 सितंबर 2001 तक वे केंद्रीय खनन मंत्री रहे।

मृत्यु

28 दिसम्बर 2016 को 92 वर्ष की आयु में हार्ट अटैक के कारण सुंदरलाल पटवा की मृत्यु हो गई।

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